देवालय के सुप्रबंधन हेतु श्री कल्याण संसद सेवायतों की एक समिति है जिसमें एक चार सदस्य हैं सिविल जज मथुरा के सहयोग से समिति एक प्रबंधक रिसीवर की वार्षिक नियुक्ति करती है जो कि मंदिर से समस्त आय व व्यय रखरखाव एवं मर्यादाओं को निर्वहन को सुनिश्चित करते हैं प्रतिवर्ष आय व्यय का ऑडिट होता है जहां तक आय व्यय का संबंध है दिवाली में बहुत ही बड़ी संख्या कर्मचारियों की है मुखिया भितरिया जनगणना रसोईया कीर्तनिया द्वारपाल आदि सभी आवश्यक व्यक्ति सेवारत हैं आय से व्यय का अनुपात बहुत अधिक है क्योंकि वह राज्य की व्यवस्था सभी सेवायत की करते हैं कुछ रिसीवर का नाम भी कार्य दृष्टि से अनुकरणीय रहा है जिसमें सर्वश्री देवी प्रसाद चौबे बिहारी लाल चौबे के के अरोरा माधव शरण अग्रवाल महेशचंद्र चतुर्वेदी आरके पांडे आदि हैं