आली नन्द महरि के दोउ बाँके ।
रोहिणी नंदन गौरी वरन के, कृष्ण कन्हैया मद छाके ॥
(छित स्वामी)


गोवर्धन पूजत गोकुल राइ ।
बल समेत सब सखा चले जुर खिरक खिलावत गाई ॥
"चतृर्भुज दास"

तू आजु देखारी मनमोहन ये बलवीर राजे ।
मदन मोहन पियमन मंदिर ते बैठे बनि सुआजु द्वाजे ॥
"गोविन्द स्वामी "


बलि बलि जाउ जुगल चरणन पे ।
श्री बलदेव रोहिणी नन्दन जसुमति के कारे कान्हा पर ॥
"परमानन्द दास"